हम सब अपने अतीथ में झाकना चाहते है .हम सब ये जानना चाहते है की हमारे पूर्वज कैसे अपनी जिंदगी जीते होंगे और ये सब जानने के लिए हम सब प्राचीन सभ्यताओ को पढ़ते है और जानकारी जमा करते है अगर हम प्राचीन सभ्यता की बात करे तो भारत की तरह मिस्र की सभ्यता भी पुराणी है . और अपने मम्मी फेरो और पिरामिड के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है लेकिन पिरामिड की छबी हमारे दिमाग आते ही हमे इजिप्त की याद दिलाती है लेकिन दुनिया का सबसे बड़ा पिरामिड नहीं है वो मक्सिको का द ग्रेट पिरामिड द चुलोला है .
वही सबसे ज्यादा पिरामिड सूडान है सूडान में इजिप्त से दुगने पिरामिड है खुफु का पिरामिड इजिप्त का सबसे बड़ा पिरामिड है प्राचीन विश्व के लोग मौत के बाद के जिंदगी पर बोहत ही चिंतन करते थे उनका मानना नहीं था की मौत जिंदगी का अंत नहीं है बलकी जीवन का एक पढाव है जिसके बाद जिंदगी की एक सुरवात होती है यही कारन था की जब उनके उरदा शरीर की मम्मी बनाई जाती थी तो उसके साथ एक आम दिनचर्य मै काम आने वाली सारी चीजे पिरामिड के अन्दर रखी जाती थी लेकिन मिस्र की हर इन्सान की मम्मी नहीं बनाई जाती थी केवल मिस्र के राजा यानि फेरो की ही मम्मी बनाई जाती थी मिस्र के लोगो का मानना था की पुनर जन्म संभव तो है लेकिन उसके लिए मानव शरीर सही अवस्था मै होना चाहिये इसलिए वो शरीर को दफनाएं बिना ममी बनाते थे
प्राचीन विश्व में मम्मी बनाने के लिए उसके अंदरूनी अंग निकाले जाते थे और उसका दिमाग उसके नाक से निकला जाता था लेकिन कभी दिल को नहीं निकला जाता था क्यु की वो लोग दिल को आत्मा का प्रतिक मानते थे निकाले गए अंगो को वो लोग अलग अलग रख देते थे नोकरो को भी दफनाया जाता था राजाओ के साथ ये बोहत ही अजब बात है की रजा के साथ नोकरो को भी जिन्दा दफनाया जाता था नोकर के सर पर वार कर उसे बेहोश कर देते थे और फिर उसे दफना देते थे मिस्र के फेरो मोटे होते थे वैसे तो प्राचीन मिस्र के तस्वीरों मै फेरोस को पतला और तंदुरुस्त दिखाया जाता है लेकिन खोज मै यह पता चला है की उनकी खुराक मै शराब चीनी ब्रेड शेहद ये सब पदार्थ होते थे जिसकी वजह से ज्यादा तर फेरोस डायबेटिस के शिकार थे पिरामिड गुलामो ने नहीं बनाये थे बलकी कलाकारों ने बनाये थे और उन्हें उनकी काम का सही वेतन भी मिलता था.
प्राचीन मिस्र मै २००० से ज्यादा देवी देवता की पूजा की जाती थी उनका हर भगवान जिंदगी के किसी न किसी हिस्से से जुड़ा होता था जैसे जीवन देने वाला अलग भगवान और मौत देने वाला अलग भगवान होता था मौत के भगवान को वो अनूबिस कहते थे और अनुम्रा नाम के भगवान को सबसे बड़ा भगवान मानते थे वो लोग राक्षसों और भूतो पे भी विस्वास करते थे उनका मानना था की राक्षस इन्सान से ज्यादा ताकतवर होते है लेकिन भगवान से ज्यादा ताकतवर नहीं होते मिस्र के लोग गणित के जानकार थे उन्हें स्मारक बनाना आता था उन्होंने दवाई बनाई उनका अपना कैलेंडर था उन्होंने बड़े जहाज भी बनाये उन्होंने ऐसी बोहत सारी चीजे इजाद की जो हम आज भी इस्तेमाल करते है जैसे पेन ताला और चाबी उनके पास हर बीमारी का अलग डॉक्टर होता था मिस्र के महिलाओ को मर्दों के बराबर अधिकार दिए गए थे जो सभी काम कर सकती थी जो मर्द करते थे वो तलाक भी दे सकती थी और शादी भी कर सकती थी मिस्र के लोगो का मानना था की शरीर पर बाल होना आरोग्य के लिये हानिकारक होता है मिस्र के लोगो के चित्र में जो बाल नजर आते है वो असली नहीं है वो भी विक पहनते थे ताकि सूरज की धुप उनके सर पर ना पड़े मिस्र के लोगो को बिल्लियों से लगाव था उस समय सभी जानवरों को भगवान माना जाता था लेकिन बिल्लियों का एक अलग स्थान था वो लोग बिलीयो को अच्छे भाग्य का प्रतिक मानते थे वो बिल्ली मरने के बाद उनकी मम्मी बनाते थे और उसे चूहों के साथ दफनाया जाता था
हमने अपनी जिंदगी में कभी न कभी मम्मी के बारे में पढ़ा या सुना होगा आज हम इसे जुड़े कुछ तत्थ और रहस्य की बात करने जा रहे हो की कैसे पुराने समय में मरने के बाद इंसानी शरीर को संजोग के रखा जाता था और आपको मम्मी का नाम सुनकर ये विषय बोहत ही आकर्षित करता है और ये आश्चर्य जनक भी है तो हम मम्मी से जुडी बात तो लेंगे ही पर मिस्र क्र राजा तुतन खामेन से जुडी कुछ बातो को पहले जानेंगे मिस्र में जो भी राजा हुवा करता थे उसे लोग फेरो कहा करते थे .
तुतेनं खामेन एक अठरावे राजा थे जिसने केवल ९ साल के होते ही गद्दी संभाल ली थी .उनका राज काल १३३२ से लेकर १३२३ बी सी तक था और ये तारीख उलटी इस लिए है क्यु की बेफोर क्रिस्ट का समय था दोस्तों यह राजा समय से ही श्रापित राजा माना जाता है जो अपने समय काल से ही एक रहस्य बना हुवा है और समय समय पर इसके बरे में कई बाते भी बताई गई है वैसे ही मिस्र एक ऐसा रहस्य है जिनके बरे में आज तक परदा नहीं उठ पाया है तुतेनं खामेन की मौत १९ साल मै ही हो गई थी और उसकी मृतु कैसे हुई आज भी एक रहस्य बना हुवा है १९२२ में जब हार्वर्ड कार्टर ने उसकी कबर की खोज की तो सरे संसार में इस खोज की बेहद सराहना हुई तुतन खामेन की मम्मी और उसके कब्र से निकले वस्तु के आधार पर उसका इतिहास गढ़ा गया तुतन खामेन का पिता का नाम अखेनाटन था .जो उस दौर में मिस्र का फ़राओ यानि राजा था .
महज ९ साल के रहते राजा को उनके चाचा ने संभाला और फिर उनकी शादी उसकी सौतेली बेहन अन्क्सुलामन से हुई उनके दो आजन्मे बच्चे थे जिनमे से एक गर्भ में ५ महीने में मर गया ये सारी जानकारी खोज के दौरान मिले उनके मम्मी और सामानों से पता चला था तुतन खामेन ने पिता के विरुद्ध जा कर अपने पिता के नियमो में कई बदलाव किये थे
जिनमे से पहला था सूर्य देव की पूजा कर चन्द्र देव की पूजा करना उसने अपने फरमान को और मजबूत करने के लिए चन्द्र देव के मंदिर और ईमारत भी बनाये जो की उसके पिरामिड में देखने को मिलते है तुतन खामेन को उतनी प्रसिद्धी उनके शासन काल में नहीं मिली उससे ज्यादा प्रसिद्धी उनके मरने के बाद मिली








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